यमुना एक्सप्रेस-वे पर घने कोहरे से भयावह हादसा: छोटी बहस बनी 13 मौतों की वजह, बसें जलकर राख, अधजली लाशें और कंकाल निकले
मथुरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे के कारण बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 के पास एक छोटी सी नादानी ने बड़ा हादसा कर दिया। दो कारों की टक्कर के बाद सवारों की सड़क पर ही बहस शुरू हो गई, जिसके चलते पीछे से आती गाड़ियां एक के बाद एक टकराती चली गईं। देखते ही देखते तीन कारों और आठ बसों (सात डबल डेकर और एक रोडवेज) में चेन रिएक्शन से टक्कर हुई और आग लग गई।
आठ बसें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि चार अन्य डबल डेकर बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। इस हादसे में 13 यात्रियों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश जिंदा जल गए। 100 से अधिक यात्री घायल हुए हैं।
हादसे की शुरुआत और वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब साढ़े तीन बजे घने कोहरे में दृश्यता लगभग शून्य थी। सबसे पहले एक अर्टिगा कार स्विफ्ट डिजायर से टकराई। दोनों कारों के सवार सड़क पर ही रुककर झगड़ने लगे। इसी दौरान तीसरी ब्रेजा कार आकर टकरा गई। लोग कुछ समझ पाते कि पीछे से तेज रफ्तार डबल डेकर बस ने ब्रेजा में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर से तीनों कारें 10 मीटर तक घिसट गईं और ब्रेजा की पेट्रोल टंकी फटने से आग लग गई। आग तेजी से फैली और एक के बाद एक आती बसें व कारें इसमें घुसती चली गईं। बसों से निकलने का मौका नहीं मिला और कई यात्री जिंदा जल गए। यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, कुछ खेतों में भाग निकले, लेकिन कई बसों में ही फंसकर जल गए।
हादसे के बाद रूह कंपाने वाला मंजर
हादसे के बाद का दृश्य बेहद भयावह था। जलकर राख हुई बसों के ढांचों से पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने अधजली लाशें और कई जगह तो सिर्फ नर कंकाल ही निकाले। कई शव इतने झुलस गए कि पहचान मुश्किल है, इसलिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर पानी और राख बिखरी पड़ी थी।
दमकल की 15 गाड़ियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बचाव दल ने क्षत-विक्षत शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायलों को बलदेव सीएचसी, मथुरा जिला अस्पताल, वृंदावन और आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। एक अस्पताल में 43 घायल पहुंचे, जिनमें से एक की रास्ते में मौत हो गई और 20 को गंभीर हालत में आगे रेफर किया गया।
अधिकारियों ने घायलों का हाल जाना
एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, कमिश्नर, डीआईजी, डीएम और एसएसपी सहित आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से हालचाल जाना, उपचार की व्यवस्था देखी और हादसे का घटनाक्रम समझा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की है।