उत्तर प्रदेश

कांवड़ यात्रा: शराब की दुकानों पर फैसला जिलाधिकारियों के विवेक पर, यूपी में शराब उद्योग के लिए मेगा इन्वेस्टमेंट समिट

उत्तर प्रदेश में सावन के पवित्र महीने में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर योगी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कांवड़ मार्ग पर मांस और मुर्गे की दुकानों को बंद करने का फैसला पहले ही हो चुका है, लेकिन शराब की दुकानों को लेकर स्थिति अब स्पष्ट हो गई है।

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान शराब की दुकानों को खुला रखना है या बंद करना है, इसका निर्णय संबंधित जिलाधिकारी अपने विवेक के आधार पर लेंगे। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। कुछ स्थानों पर धार्मिक भावनाओं का सम्मान और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शराब की दुकानों को पर्दे से ढककर बिक्री की व्यवस्था की जा सकती है।

इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार शराब उद्योग को संगठित और निवेश के लिए आकर्षक क्षेत्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आबकारी विभाग और इन्वेस्ट यूपी के सहयोग से शराब उद्योग पर केंद्रित पहली मेगा इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन हो रहा है। इस सम्मेलन में देश-विदेश की 200 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी। आबकारी मंत्री के अनुसार, इस आयोजन में लगभग 5,000 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

पिछले कुछ वर्षों में शराब आधारित उद्योगों में 39,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 142 में से 135 MoU साइन हो चुके हैं। इनमें 46 कंपनियों ने 7,888 करोड़ रुपये का निवेश किया है, 19 ने उत्पादन शुरू कर दिया है, और 27 के प्लांट निर्माणाधीन हैं। कुल मिलाकर, अब तक 10,888 करोड़ रुपये का निवेश राज्य में आ चुका है।

नवीन आबकारी नीति का प्रभाव: सरकार ने नई आबकारी नीति लागू कर शराब उद्योग को व्यवस्थित करने और राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके तहत 3,171 शराब की दुकानें बंद की गईं, जबकि बीयर की दुकानों में 3,392 और विदेशी शराब की दुकानों में 2,799 की वृद्धि हुई। साथ ही, 2,791 देसी शराब की दुकानों को बीयर बेचने की अनुमति दी गई। इस नीति के परिणामस्वरूप आबकारी विभाग का राजस्व 2016-17 में 14,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 52,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पावर अल्कोहल उत्पादन में उत्तर प्रदेश अब देश में अग्रणी है, और जैव ईंधन नीति ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद से बिजनौर तक कांवड़ मार्ग का हवाई सर्वेक्षण कर स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह का उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शांतिपूर्ण यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की सतत निगरानी और पर्याप्त बल तैनाती के आदेश दिए। साथ ही, कांवड़ मार्ग पर टेंट, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, मोबाइल शौचालय, और एंबुलेंस जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, बैरिकेडिंग, और साइनबोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।

Related Articles

Back to top button