लखनऊ में बिहार से जम्मू-कश्मीर ले जाए जा रहे 5 नाबालिगों को तस्करी से बचाया, GRP ने 2 तस्करों को दबोचा
लखनऊ के लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (GRP) ने बिहार से जम्मू-कश्मीर ले जाए जा रहे 5 नाबालिग लड़कों को मानव तस्करी के चंगुल से मुक्त करा लिया। दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जो बच्चों को बाल मजदूरी के लिए श्रीनगर ले जा रहे थे।
यह कार्रवाई शुक्रवार रात को हुई, जब GRP की टीम ने संदिग्ध व्यवहार पर नजर रखी। नाबालिगों की उम्र 12 से 15 वर्ष के बीच बताई जा रही है, जो बिहार के विभिन्न जिलों से लाए गए थे।
GRP इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि तस्करों ने बच्चों को झूठे वादों के साथ लालच दिया था। वे कह रहे थे कि जम्मू-कश्मीर में अच्छी नौकरी मिलेगी, लेकिन वास्तव में उन्हें मजदूरी और शोषण के लिए ले जाया जा रहा था। बच्चों की पूछताछ में सामने आया कि तस्करों ने उनके परिवारों से 5-10 हजार रुपये प्रति बच्चा लिए थे। GRP ने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंप दिया, जहां काउंसलिंग और परिवारों से संपर्क किया जा रहा है। तस्करों के खिलाफ POCSO एक्ट, IPC की धारा 370 (मानव तस्करी) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस को शक है कि यह गैंग उत्तर भारत से नाबालिगों को कश्मीर घाटी में घरेलू कामकाज या दुकानों में मजदूरी के लिए तस्करी करता है। हाल ही में बिहार-नेपाल बॉर्डर पर भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, जहां SSB ने नाबालिगों को बचाया था। GRP ने यात्रियों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। यह कार्रवाई मानव तस्करी रोकने के अभियान का हिस्सा है।