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कटड़ा भूस्खलन त्रासदी: 34 मृतकों की पहचान, परिजनों का दर्द छलका, श्राइन बोर्ड ने की मुफ्त एंबुलेंस की व्यवस्था

जम्मू-कश्मीर के कटड़ा में माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर 26 अगस्त 2025 को हुए भयावह भूस्खलन ने 34 श्रद्धालुओं की जान ले ली और 20 अन्य को घायल कर दिया। इस त्रासदी में सभी मृतकों की पहचान हो चुकी है, जिनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के लोग शामिल हैं।

शुक्रवार को 19 और शवों की पहचान हुई, जबकि गुरुवार को 15 शवों की पहचान की गई थी। जम्मू के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में शवों को देखकर परिजनों की चीखों से माहौल गमगीन हो गया।

परिजनों का दर्द और शोक

  • मुजफ्फरनगर के इंद्रपाल का टूटा परिवार: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रामपुरी गांव के इंद्रपाल ने अपनी पत्नी रामवीरी और बेटी आकांक्षा को खो दिया। उनके भाई रविंद्र की पत्नी ममता और भतीजी अंजलि की भी मौत हो गई, जबकि भाई अजय के बेटे दीपेश की जान गई और अजय घायल हैं। इंद्रपाल ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि खराब मौसम में यात्रा को रोक देना चाहिए था।
  • दिल्ली के बुराड़ी का दुखद नुकसान: दिल्ली के बुराड़ी के एक परिवार ने छह सदस्यों को खो दिया। अभिषेक ने बताया कि उनकी भतीजी दीपांशी, बहन पिंकी, भाई राजा, और अजय की मौत हो गई। गाजियाबाद के खेड़ा धर्मपुरा के रिश्तेदार तान्या और पुकार भी इस हादसे में मारे गए। अभिषेक की मां रामकुमारी शवों को देखकर फफक-फफक कर रो पड़ीं।
  • आगरा का दुखद नुकसान: आगरा के दीपक के परिवार ने तीन सदस्यों—मां सुनिता (50), भाभी भवना (11), और दो साल की बेटी एंजल—को खो दिया। उनके पिता अर्जुन सिंह लापता हैं, जबकि पत्नी मोना का पैर काटना पड़ा और उनकी हालत गंभीर है।

श्राइन बोर्ड की व्यवस्था

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने शवों को उनके गृह नगर भेजने के लिए मुफ्त एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था की है। बोर्ड के डिप्टी सीईओ पवन कुमार ने बताया कि मृतकों के पास से बरामद सामान, जिसमें नकदी और आभूषण शामिल हैं, परिजनों को सौंप दिया गया है। घायलों का इलाज कटड़ा के श्री माता वैष्णो देवी नारायणा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में चल रहा है, जहां 14 लोग अभी भी भर्ती हैं।

त्रासदी की पृष्ठभूमि

यह भूस्खलन मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अढ़कुंवारी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय पर हुआ, जो कटड़ा से 12 किलोमीटर लंबे तीर्थ मार्ग का मध्य बिंदु है। भारी बारिश और बादल फटने की घटना ने इस हादसे को ट्रिगर किया। यात्रा को मंगलवार दोपहर 12 बजे मौसम की चेतावनी के बाद निलंबित कर दिया गया था, लेकिन हादसे से पहले कई श्रद्धालु मार्ग पर थे।

राहत और बचाव कार्य

सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें बचाव कार्य में लगी हुई हैं। 32 शव मलबे से निकाले गए, जबकि दो घायलों की अस्पताल में मृत्यु हो गई। कटड़ा में होटल एसोसिएशन ने फंसे हुए तीर्थयात्रियों के लिए मुफ्त आवास और भोजन की व्यवस्था की है।

प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ितों के लिए प्रार्थना की और प्रशासन द्वारा सहायता की बात कही। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की है, जो जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। मृतकों के परिजनों को श्राइन बोर्ड से 5 लाख रुपये और एसडीआरएफ से 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

स्थानीय आक्रोश और जांच

कटड़ा में स्थानीय दुकानदारों और श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने श्राइन बोर्ड पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। उनका दावा है कि बोर्ड की निर्माण गतिविधियों ने मिट्टी को ढीला किया, जिससे भूस्खलन हुआ। समिति ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से जांच की मांग की है।

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