संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 21 बैठकें होंगी। सत्र से पहले रविवार को नई दिल्ली में आयोजित सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरने के लिए एकजुट रणनीति बनाई।

बैठक में विपक्षी दलों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने का फैसला किया, जिनमें पहलगाम आतंकी हमला, भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), और ओडिशा में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति शामिल हैं।
विपक्ष के प्रमुख मुद्दे:
- पहलगाम आतंकी हमला: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन अभी तक आतंकियों को पकड़ा नहीं गया। विपक्ष ने इसे खुफिया और सुरक्षा चूक बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में इस पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
- ट्रंप के युद्धविराम दावे: विपक्ष ने डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार दावे कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया, पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया। गौरव गोगोई ने इसे भारत की गरिमा और सेना की वीरता पर सवाल बताते हुए प्रधानमंत्री से जवाब की मांग की।
- बिहार में SIR और मतदान का अधिकार: विपक्ष ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को मतदाताओं के अधिकारों पर खतरा बताया। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने इसे “अघोषित आपातकाल” और “वोटबंदी” करार दिया। आप सांसद संजय सिंह ने इसे “चुनावी घोटाला” बताया।
- विदेश नीति और सीमा विवाद: गोगोई ने चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ सीमा पर दो-मोर्चे की स्थिति पर रक्षा और विदेश नीति पर चर्चा की मांग की।
- मणिपुर में अशांति: गौरव गोगोई ने मणिपुर में ढाई साल से जारी अशांति पर सवाल उठाया और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम छोटे देशों की यात्रा करते हैं, लेकिन मणिपुर नहीं जाते।
बीजद ने उठाए ओडिशा के मुद्दे:
बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने ओडिशा में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने बालासोर में एक छात्रा के आत्मदाह और पुरी में 15 वर्षीय लड़की को जला देने की घटना का जिक्र किया। इसके अलावा, पुरी रथ यात्रा में भगदड़, भुवनेश्वर में नगर निगम आयुक्त की पिटाई जैसे मामलों को संसद में उठाने की बात कही।
पात्रा ने ओडिशा के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा, पोलावरम और महानदी जल विवाद, कोयला रॉयल्टी संशोधन, ग्रीन टैक्स, तटीय राजमार्ग, राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास, नए एम्स अस्पताल, रेलवे कनेक्टिविटी, डिजिटल और बैंकिंग कनेक्टिविटी, एमएसपी को दोगुना करने और आदिवासी विकास जैसे मुद्दों को भी उठाने का ऐलान किया। बीजद ने कहा कि वह विपक्ष के सभी मुद्दों का समर्थन करेगा।
सर्वदलीय बैठक का माहौल:
सर्वदलीय बैठक में सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मौजूद थे। विपक्षी नेताओं में कांग्रेस के गौरव गोगोई, जयराम रमेश, एनसीपी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, डीएमके के टी.आर. बालू, और आरपीआई (ए) के केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले शामिल थे। बैठक में विपक्ष ने संसद के सुचारू संचालन के लिए सहयोग का आश्वासन दिया, लेकिन सरकार से जवाबदेही की मांग की।
इंडिया गठबंधन की रणनीति:
इंडिया गठबंधन की 24 पार्टियों ने शनिवार को एक वर्चुअल बैठक में अपनी रणनीति तय की। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, शरद पवार, तेजस्वी यादव, उमर अब्दुल्ला, हेमंत सोरेन, उद्धव ठाकरे और अन्य नेता शामिल हुए। गठबंधन ने आठ प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, बिहार SIR, विदेश नीति, गाजा में अत्याचार, परिसीमन, और दलितों, आदिवासियों, महिलाओं पर अत्याचार शामिल हैं।