
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कन्नड़ नागरिकों और अन्य भारतीयों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की है। यह अपील अमेरिका-इज़राइल के ईरान पर हमलों (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/रोरिंग लायन, 28 फरवरी 2026 से शुरू) और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद आई है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।
सिद्धारमैया ने चिट्ठी में लिखा कि एयरस्पेस प्रतिबंध और कई पश्चिम एशियाई देशों द्वारा जारी NOTAMs से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। खासकर UAE (दुबई) जैसे ट्रांजिट हब में कई कन्नड़ और भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। कर्नाटक से कम से कम 109 लोग (100 दुबई में, 9 बहरीन में) प्रभावित हैं।
मुख्यमंत्री ने पांच प्रमुख उपाय सुझाए:
- मजबूत डिप्लोमैटिक आउटरीच बढ़ाएं।
- विशेष repatriation फ्लाइट्स की तैयारी करें।
- राष्ट्रीय कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म बनाएं।
- इंटीग्रेटेड रजिस्ट्रेशन और जानकारी सिस्टम विकसित करें।
- पैसेंजर प्रोटेक्शन प्रोटोकॉल लागू करें।
उन्होंने कहा, “कर्नाटक सरकार राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र और जिला केंद्रों को 24×7 सक्रिय कर चुकी है। केंद्र सरकार की तेज, समन्वित और मानवीय प्रतिक्रिया से जानें बचेंगी और देश के प्रति विश्वास मजबूत होगा।” कर्नाटक केंद्र के साथ पूरा सहयोग करने को तैयार है।
केंद्र सरकार ने भी गल्फ में फंसे भारतीयों की निकासी के लिए तैयारी जताई है, और कई राज्य हेल्पलाइन शुरू कर चुके हैं। स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां लाखों भारतीय प्रवासी प्रभावित हो सकते हैं।



