उत्तर प्रदेशमऊ

घोसी चीनी मिल बंदी के खिलाफ धरना: सांसद राजीव राय ने उठाईं ये बड़ी मांगें!

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में घोसी लोकसभा क्षेत्र की दी किसान सहकारी चीनी मिल (1982 में स्थापित) को पेराई सत्र 2025-26 में बीच में ही बंद कर दिया गया। इससे गन्ना किसानों को पड़ोसी आजमगढ़ के सठियांव मिल में गन्ना भेजना पड़ रहा है। मिल के बंद होने से हजारों मजदूरों और किसानों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।

घोसी सांसद राजीव राय (सपा) ने मिल गेट पर विशाल धरना प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने सरकार पर पिछले 10 वर्षों में भ्रष्टाचार, उपेक्षा और रख-रखाव में लापरवाही का आरोप लगाया। सांसद ने कहा कि जनपद मऊ में कोई नया उद्योग नहीं लगा, ऐसे में यह एकमात्र रोजगार स्रोत बंद करना किसानों-युवाओं के साथ छल है।

राजीव राय की प्रमुख मांगें:

  • वर्तमान सत्र में मिल को तुरंत चालू कराया जाए और पेराई जारी रहे।
  • पिछले 10 वर्षों में मिल के रख-रखाव और मरम्मत के लिए आवंटित धन की जांच हो, भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई हो।
  • स्थाई एक्सपर्ट टेक्नीशियन की नियुक्ति की जाए।
  • मिल के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण के लिए विशेष पैकेज में अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराया जाए।
  • मिल का पूर्ण नवीनीकरण और स्थाई संचालन सुनिश्चित हो।

प्रदर्शन में सर्वदलीय किसान महापंचायत शामिल रही। सांसद ने एडीएम को 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई।

यह मुद्दा स्थानीय किसानों और मजदूरों के लिए बेहद संवेदनशील है, क्योंकि मिल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।

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