
उत्तर प्रदेश के आगरा और आसपास के जिलों में आलू के भाव में तेज गिरावट से किसान चिंतित हैं। वर्तमान में मंडियों में आलू 500-600 रुपये प्रति क्विंटल (कुछ जगहों पर 250-300 रुपये प्रति पैकेट) बिक रहा है, जो लागत मूल्य से काफी कम है। किसानों की प्रति पैकेट लागत 700-800 रुपये तक आ रही है, जबकि पिछले साल के स्टॉक के कारण व्यापारी खरीद में उत्साह नहीं दिखा रहे।
आगरा जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती होती है। खुदाई इसी हफ्ते से शुरू हो रही है और कोल्ड स्टोरेज में भंडारण की तैयारी चल रही है। किसान मौसम के उतार-चढ़ाव से कम उपज का अनुमान लगा रहे हैं, लेकिन फिलहाल भाव कम होने से घाटे का डर है।
किसान मलूपुर ईशू चौधरी ने कहा, “लागत निकालने के लिए सरकारी खरीद जरूरी है।” खंदौली के रॉबी मुकदम ने बताया, “पिछले साल घाटा हुआ, इस बार कम पैदावार के बावजूद दाम कम हैं।”
इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को आलू की सरकारी खरीद के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। एत्मादपुर के भाजपा विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर और किसान संगठनों की मांग पर यह कदम उठाया गया। विधायक को जानकारी दी गई कि प्रस्ताव भेज दिया गया है।
सरकारी खरीद शुरू होने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। कोल्ड स्टोरेज की ज्यादा लागत कम करने की भी मांग उठी थी। आगरा के आलू किसानों को अब अच्छे दिन आने की आस जगी है।



