बिहार चुनाव से पहले गरमाई सियासत: गिरिराज सिंह ने मुसलमानों पर दिया विवादित बयान, बुर्का पर कह दिया ये, विपक्ष ने लगाई फटकार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच बेगूसराय से केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह का एक विवादित बयान राजनीतिक हलचल मचा रहा है। मटिहानी विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी और पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह उर्फ बोगो सिंह का मस्जिद में सजदा करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गिरिराज सिंह ने तीखा तंज कसा।
उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “अब वोट के लिए गोमांस खाना ही बचा है?” इस बयान ने इंडिया गठबंधन पर हमला बोला, लेकिन विपक्ष ने इसे सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। गिरिराज ने मीडिया से बातचीत में मुसलमानों, घुसपैठियों और बुर्का प्रथा पर और सवाल उठाए, जिससे सियासी पारा हाई हो गया।
बेगूसराय में एक सभा के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा कि इंडिया गठबंधन और बिहार में लालू यादव-कांग्रेस घुसपैठियों को ही मुसलमान मानते हैं। उन्होंने चेतावनी दी, “जब NDA सरकार आएगी, तो ऐसे लोगों को चुन-चुनकर बिहार से बाहर डिपोर्ट किया जाएगा। न राहुल गांधी आएंगे, न तेजस्वी यादव।” उन्होंने स्पष्ट किया, “ये मुसलमान हैं, चाहे बांग्लादेशी क्यों न हों, लेकिन भारत में उनका रहने का हक नहीं।”
इसके अलावा, अरवल में एक रैली में उन्होंने मुसलमानों को ‘नमक हराम’ करार दिया और कहा कि आयुष्मान भारत योजना जैसे कल्याणकारी उपायों का वे उपकार नहीं मानते। बाद में सफाई देते हुए गिरिराज ने कहा कि उनका इशारा भेदभाव रहित सरकारी योजनाओं के बावजूद कृतघ्न लोगों पर था।
बुर्का विवाद पर गिरिराज सिंह ने कहा, “लोग बुर्का पहनकर क्यों हंगामा करते हैं? क्या भारत इस्लामी देश है? देश बाबा साहब के संविधान से चलता है। आधार कार्ड, पासपोर्ट या एयरपोर्ट पर तो बुर्का उठाकर मुंह दिखाने में कोई समस्या नहीं, लेकिन वोटिंग बूथ पर शर्म आती है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि शंका होने पर पोलिंग एजेंट कानून के तहत बुर्का उठवा सकता है, क्योंकि चुनाव संविधान के तहत होते हैं। यह बयान चुनाव आयोग की हालिया बैठक में BJP के बुर्का पहनकर वोटिंग पर उठाए सवालों से जुड़ा लग रहा है।
विपक्ष का तीखा विरोध
RJD और महागठबंधन ने गिरिराज के बयान को सांप्रदायिक बताते हुए हमला बोला। RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “चुनाव आते ही BJP हिंदू-मुस्लिम, भारत-पाकिस्तान का राग अलापने लगती है।”
जेडीयू प्रवक्ता मनीष कुमार ने कहा, “गिरिराज को PM मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ मंत्र का पालन करना चाहिए। वोटिंग हर नागरिक का अधिकार है।” कांग्रेस ने इसे ‘नफरत फैलाने’ का हथियार बताया। तेजस्वी यादव ने X पर पोस्ट कर कहा, “गिरिराज जी, बिहार के लोग विकास चाहते हैं, नफरत नहीं।” विपक्ष ने EC से शिकायत करने का ऐलान किया।
भाजपा ने बचाव किया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “गिरिराज जी घुसपैठ पर बोल रहे हैं, न कि समुदाय पर। NDA बिहार में विकास लाएगी।” गिरिराज के पुराने विवादित बयान (जैसे ‘राष्ट्रद्रोही वोट न चाहिए’) को भी याद किया जा रहा है।
यह विवाद बिहार चुनाव (नवंबर-दिसंबर 2025) से पहले NDA (BJP-JDU) और महागठबंधन (RJD-कांग्रेस) के बीच ध्रुवीकरण को तेज कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुस्लिम वोट बैंक (15-17%) पर इसका असर पड़ेगा।