उत्तर प्रदेशप्रतापगढ़

राजा भैया और उनके पिता उदय प्रताप सिंह भदरी किले में नजरबंद, मोहर्रम के दौरान शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन की कार्रवाई

प्रतापगढ़ के कुंडा में मोहर्रम के त्योहार को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को उनके भदरी किले में नजरबंद कर दिया है। उनके पिता राजा उदय प्रताप सिंह सहित 13 अन्य लोगों को भी 40 घंटे के लिए नजरबंद किया गया है। इस कार्रवाई के तहत भदरी किले के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

कुंडा कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर संजय सिंह पुलिस बल के साथ शनिवार तड़के 5 बजे भदरी किला पहुंचे और राजा उदय प्रताप सिंह के आवास पर नजरबंदी का नोटिस चस्पा किया। यह नजरबंदी शनिवार सुबह 5 बजे से रविवार रात 9 बजे तक लागू रहेगी। नोटिस चस्पा करने के दौरान उदय प्रताप सिंह भदरी किले में मौजूद थे।

नजरबंद किए गए लोग
पुलिस ने उदय प्रताप सिंह के साथ-साथ बड़ूपुर के भवानी विश्वकर्मा, शेखपुर के उमाकांत, बढ़ईपुर के आनंदपाल, मियां का पुरवा के जमुना प्रसाद, सुभाष नगर के सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद पांडेय, रवि सिंह, लोहारन का पुरवा के गया प्रजापति, हथिगवां थाना क्षेत्र के नौबस्ता के जितेंद्र यादव, सरैया प्रवेशपुर के केसरी नंदन, बेंती के निर्भय सिंह, गोपालगंज शाहपुर के जुगनू विश्वकर्मा और प्रयागराज के पन्नालाल रोड के मोहनलाल को भी नजरबंद किया है। इन सभी के घरों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

कार्रवाई का कारण
प्रशासन ने यह कदम शेखपुर में मोहर्रम के दौरान शांति बनाए रखने के लिए उठाया है। राजा उदय प्रताप सिंह ने 4 जुलाई को अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा, “पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है, ऊंचे लोग मुसलमानों को खुश करते हैं, निचले लोग उनका अनुसरण करते हैं।” इस पोस्ट को सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला माना गया, जिसके बाद प्रशासन ने नजरबंदी का फैसला लिया।

पुलिस और प्रशासन की तैनाती
भदरी किले के गेट पर नजरबंदी का नोटिस चस्पा करने के साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है। कुंडा के सर्कल ऑफिसर (सीओ) अजीत सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट संजीव रंजन और उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) भरत राम के निर्देश पर की गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम मोहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराने और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए जरूरी था।

पृष्ठभूमि
उदय प्रताप सिंह, जिन्हें ‘राजा साहब’ के नाम से जाना जाता है, भदरी रियासत के पूर्व राजा हैं। उनके बेटे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया 1993 से लगातार सात बार कुंडा से विधायक चुने गए हैं। इस कार्रवाई से पहले भी उदय प्रताप सिंह को मोहर्रम के दौरान नजरबंद किया जा चुका है, क्योंकि वे शेखपुर आशिक क्षेत्र में मोहर्रम के जुलूस मार्ग पर ‘भंडारा’ आयोजित करने की कोशिश करते हैं, जिसे प्रशासन सांप्रदायिक तनाव का कारण मानता है।

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