
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुए व्यापार समझौतों को तटीय मछुआरों के लिए “डबल एडवांटेज” बताया है। रविवार को दिए गए विशेष साक्षात्कार में गोयल ने कहा कि केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा जैसे तटीय राज्यों के मछुआरे इन समझौतों से बेहद खुश हैं।
गोयल ने बताया कि अमेरिका और EU के बाजारों में भारतीय समुद्री उत्पादों की मांग बहुत ज्यादा है। पहले ऊंचे टैरिफ के कारण मुश्किल थी, लेकिन अब ये बाजार लगभग खुल गए हैं। समुद्री उत्पादों का निर्यात पहले ही 20% बढ़ चुका है और अब यह और तेजी से बढ़ेगा। मछुआरों की आय में वृद्धि की उम्मीद जताई गई है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि समझौतों में संवेदनशील कृषि क्षेत्र जैसे डेयरी, अनाज और पोल्ट्री को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। चाय, कॉफी, मसाले, फल और समुद्री उत्पादों पर अब शून्य टैरिफ या बहुत कम रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होगा। भारतीय कृषि उत्पादों पर कुल 18% कम टैरिफ से अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
भारत-US ट्रेड डील की घोषणा 7 फरवरी 2026 को हुई, जबकि भारत-EU FTA जनवरी 2026 में फाइनल हुआ। इनसे 90% से ज्यादा भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजार में टैरिफ में कमी का फायदा मिलेगा। गोयल ने संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के विरोध को “छोटा समूह” बताते हुए कहा कि अधिकांश किसान समझते हैं कि यह उनके हित में है।



