
एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन मध्य पूर्व के इस देश में कई हफ्तों तक ‘जमीनी अभियान’ चलाने की योजना बना रहा है। हालांकि, यह पूर्ण पैमाने पर आक्रमण होने की संभावना नहीं है, बल्कि इसके बजाय छापे मारने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर कब्जा करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि इस योजना को अभी तक ट्रंप की मंजूरी नहीं मिली है और यह ‘अनिश्चित’ है कि वे अपनी अनुमति देंगे या नहीं।
अमेरिका ने इस क्षेत्र में 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के नौसैनिकों और मरीन सहित अतिरिक्त 3,500 सैनिकों के साथ-साथ परिवहन और लड़ाकू विमान भी तैनात किए हैं। लगभग 20 वर्षों में मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना की यह सबसे बड़ी तैनाती है। योजना के तहत, अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य के पास छापे मारकर उन हथियारों को निष्क्रिय कर सकती है जो सैन्य और वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा हैं। वे खारग द्वीप पर भी कब्जा कर सकते हैं, जो इस क्षेत्र में ईरान का एक महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है।



