
बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पटना हाईकोर्ट ने जेडीयू विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत दे दी है। इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि अनंत सिंह हाल ही में मोकामा विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बने थे, लेकिन जेल में होने के कारण उनका शपथ ग्रहण विलंब से हुआ था।
यह मामला 30 अक्टूबर 2025 का है, जब मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के तारतर गांव के पास 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दुलारचंद यादव पूर्व बाहुबली और जन सुराज पार्टी के समर्थक थे। 2025 विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान जेडीयू और जन सुराज कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ा, जिसमें फायरिंग हुई और दुलारचंद यादव को गोली लग गई।
पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बताते हुए 1 नवंबर 2025 की रात गिरफ्तार किया और बेऊर जेल भेज दिया। इस केस में कुल 80 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। महज तीन महीने के भीतर हाईकोर्ट से जमानत मिलना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
अब अनंत सिंह की रिहाई से मोकामा क्षेत्र और जेडीयू की रणनीति पर असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में इस फैसले की गूंज सुनाई देगी।



