
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गुरुवार को इजरायल को “मानवता के लिए अभिशाप” और “कैंसर जैसी सत्ता” बताते हुए एक विवादित पोस्ट एक्स पर डाला, जिसमें उन्होंने कहा कि “जिन लोगों ने यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने के लिए फलस्तीनी जमीन पर यह राज्य खड़ा किया, वे नरक में जलें”।
पोस्ट में आसिफ ने लेबनान में इजरायली कार्रवाई को नरसंहार बताया और कहा कि इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता चल रही है, फिर भी गाजा, ईरान और लेबनान में खून-खराबा जारी है।
इजरायल की तीखी प्रतिक्रिया के बाद ख्वाजा आसिफ ने पोस्ट डिलीट कर दी। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बयान को “अत्यंत आपत्तिजनक” बताते हुए कहा कि “यह किसी भी सरकार से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, खासकर उससे जो खुद को शांति का निष्पक्ष मध्यस्थ बताती है”।
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इसे यहूदी-विरोधी और इजरायल के विनाश का आह्वान बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इजरायल आतंकवादियों के खिलाफ अपना बचाव जारी रखेगा।
इस घटना ने अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अलग से लेबनान में इजरायली कार्रवाई की निंदा की, लेकिन आसिफ की पोस्ट डिलीट होने के बाद विवाद थोड़ा शांत हुआ।




