
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों में महायुति (BJP-शिवसेना शिंदे गुट) ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है, लेकिन मेयर के महत्वपूर्ण पद को लेकर बीजेपी और एकनाथ शिंदे के बीच तनाव बढ़ गया है।
BJP ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा प्राप्त किया, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। कुल मिलाकर महायुति को 118 सीटें (227 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 114) मिली हैं।
दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) 65 सीटों के साथ मजबूत विपक्ष बनी, जबकि कांग्रेस को 24 सीटें मिलीं। चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित हुए थे, लेकिन एक दिन बाद भी मेयर पद पर सहमति नहीं बन पाई है।
मेयर पद पर BJP-शिंदे गुट में खींचतान
सूत्रों के अनुसार, BJP मेयर पद पर अपना दावा मजबूत कर रही है, क्योंकि वह सबसे बड़ी पार्टी है। लेकिन शिंदे गुट इसे आसानी से नहीं छोड़ना चाहता। शिंदे ने अपनी 29 पार्षदों को मुंबई के ताज होटल में रखा है, ताकि किसी भी तरह की ‘पोचिंग’ (दलबदल) से बचा जा सके। यह कदम ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ की याद दिलाता है।
संजय राउत का तीखा हमला: ‘होटल को जेल बना दिया’
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने शिंदे पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “एकनाथ शिंदे ने ताज होटल को जेल बना दिया है। चुनाव जीतकर आए पार्षदों को डर के मारे कैद रखा गया है। उन्हें रिहा किया जाना चाहिए। मुंबई में BJP का मेयर कौन चाहता है? यहां तक कि एकनाथ शिंदे भी नहीं चाहते।” राउत ने दावा किया कि कई पार्षद उनके संपर्क में हैं और ‘गेम ऑन’ है।
शिंदे की कैबिनेट बैठक से अनुपस्थिति
तनाव के संकेत शनिवार को तब और बढ़े जब एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बुलाई गई कैबिनेट बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इससे पहले भी शिंदे कई बार ऐसी बैठकों से दूरी बनाकर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। फडणवीस ने कहा कि मेयर पर फैसला सहमति से होगा और कोई पोचिंग नहीं होगी, लेकिन स्थिति अभी अनिश्चित है।
यह विवाद महायुति गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर रहा है, जबकि BMC जैसी देश की सबसे अमीर महानगरपालिका का नियंत्रण दांव पर लगा है। आगे की बैठकें तय करेंगी कि मेयर पद किसे मिलता है और कितने समय के लिए।



