
उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम संचालक दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक पैसे की भारी तंगी से गुजर रहे हैं। उनके हल्क जिम में सदस्यता में भारी गिरावट आई है, जिससे व्यवसाय पर गहरा असर पड़ा है।
विवाद की शुरुआत 26 जनवरी को हुई, जब कुछ संगठनों ने एक 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद की दुकान ‘बाबा’ नाम पर आपत्ति जताई। दीपक ने दुकानदार का पक्ष लिया और खुद को “मोहम्मद दीपक” बताकर भाईचारे का संदेश दिया। वीडियो वायरल होने पर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली, लेकिन स्थानीय स्तर पर विरोध और बहिष्कार शुरू हो गया।
दीपक ने बताया कि पहले उनके जिम में रोजाना 150 सदस्य आते थे, लेकिन विवाद के बाद यह संख्या घटकर 12-15 रह गई। किराया, लोन की किश्तें और परिवार का खर्च अब चुनौती बन गया है। उनकी बेटी डर से स्कूल जाना तक छोड़ चुकी थी।
दीपक अपने स्टैंड पर अडिग हैं, लेकिन आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर समर्थन दे रहे हैं, जबकि स्थानीय विरोध जारी है। यह घटना सामाजिक विभाजन और वैचारिक स्वतंत्रता की कीमत पर सवाल उठाती है।


