
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) ने पुष्टि की है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में उसके दो डेटा सेंटर्स पर सीधे ड्रोन हमले हुए, जबकि बहरीन में एक सुविधा के पास ड्रोन हमले से इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा। ये हमले ईरान के जवाबी हमलों का हिस्सा माने जा रहे हैं, जो अमेरिका-इज़राइल के ईरान पर हमलों (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/रोरिंग लायन) के बाद हुए।
AWS ने अपनी स्टेटस पेज पर अपडेट में कहा कि हमलों से संरचनात्मक क्षति, बिजली आपूर्ति में व्यवधान और कुछ जगहों पर आग बुझाने के दौरान पानी से अतिरिक्त नुकसान हुआ। कंपनी ने हमलावरों की पहचान नहीं की, लेकिन इसे “मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष” से जोड़ा।
अमेज़न का बयान:
“हम पूर्ण सेवा बहाली के लिए तेजी से काम कर रहे हैं, लेकिन भौतिक क्षति की वजह से रिकवरी लंबी चलेगी। मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बनी रहेगी, जिससे ऑपरेशंस अनिश्चित रहेंगे।”
UAE में दो सुविधाएं सीधे प्रभावित हुईं, जबकि बहरीन में निकटवर्ती हमले से नुकसान हुआ। इससे क्लाउड सर्विसेज (EC2, S3, Lambda आदि) में आउटेज और कनेक्टिविटी समस्याएं आईं। कंपनी ने प्रभावित यूजर्स को अन्य क्षेत्रों के सर्वर्स पर स्विच करने और महत्वपूर्ण डेटा बैकअप करने की सलाह दी है।
यह घटना क्षेत्र में अमेरिकी और इज़राइली हितों पर ईरान के ड्रोन-मिसाइल हमलों के बीच हुई, जिसमें कई गल्फ देश प्रभावित हुए। AWS दुनिया का सबसे बड़ा क्लाउड प्रोवाइडर है, और ये डेटा सेंटर्स अफ्रीका, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के बिजनेस को सपोर्ट करते हैं।
स्थिति गंभीर बनी हुई है, और रिकवरी में कई दिन लग सकते हैं।



