
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लखनऊ में बड़ा छापा मारकर तीन पूर्व यूक्रेनी सैनिकों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी म्यांमार के चिन राज्य में जातीय सशस्त्र समूहों (Ethnic Armed Groups) को ड्रोन युद्ध, जामिंग तकनीक और हथियारों की ट्रेनिंग दे रहे थे। जांच में पता चला कि ये ड्रोन यूरोप से लाकर भारत के प्रतिबंधित संगठनों को सप्लाई करने की योजना बना रहे थे, जिससे पूर्वोत्तर में अशांति फैल सकती थी।
13 मार्च को लखनऊ एयरपोर्ट से पेट्रो हुरबा (36), तारास स्लिवियाक (37) और इवान सुकमानोव्स्की (34) को हिरासत में लिया गया। ये रूस-यूक्रेन युद्ध के अनुभवी हैं। कुल 7 विदेशी गिरफ्तार हुए—6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी मैथ्यू एरॉन वैन डाइक (कोलकाता एयरपोर्ट से)। दिल्ली एयरपोर्ट से तीन अन्य यूक्रेनी—स्टेफांकिव मारियन, होंचारुक मैक्सिम और कामिंस्की विक्टर—पकड़े गए।
आरोपी पर्यटक वीजा पर भारत आए, फिर मिजोरम के रास्ते बिना परमिट के म्यांमार पहुंचे और वहां आतंकी कैंपों में ट्रेनिंग ली व दी। लखनऊ में होटल में संदिग्ध गतिविधियों पर होटल स्टाफ ने सूचना दी, जिसके बाद इमिग्रेशन ने रोक लिया। वे मात्र एक दिन लखनऊ रुकने वाले थे और कुआलालंपुर की फ्लाइट बुक थी।
NIA ने UAPA की धारा 18 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी भारत की सुरक्षा के खिलाफ साजिश रच रहे थे। एजेंसी अब फंडिंग, डिजिटल फुटप्रिंट और बड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। ये गिरफ्तारियां पूर्वोत्तर की सुरक्षा के लिए बड़ी कामयाबी हैं। यूक्रेन ने विरोध जताया है, जबकि अमेरिका को सूचना दी गई है।



