
भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क की घोषणा के साथ US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ऑफिस ने भारत का एक मैप शेयर किया, जिसमें पूरा जम्मू-कश्मीर (POK सहित) और अक्साई चिन भारत का हिस्सा दिखाया गया है। यह मैप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पहले अमेरिकी मैप्स में POK को अलग से दिखाया जाता था या विवादित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया जाता था, लेकिन इस बार ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान और चीन की दावेदारी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा दिखाया गया, जो चीन का दावा करता है।
यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- अमेरिका ने पहले जॉर्ज डब्ल्यू बुश से लेकर अब तक की नीति में कश्मीर को ‘हाइफनेटेड’ (भारत-पाकिस्तान से जोड़कर) रखा था।
- ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाए थे, अब घटाकर 18% कर दिया—एशियाई देशों में सबसे कम।
- पाकिस्तान ने पिछले 6 महीनों में अमेरिका में अपनी डिप्लोमेसी तेज की थी—आर्मी चीफ आसिम मुनीर तीन बार गए, ट्रंप से दो बार मिले। लेकिन यह मैप पाकिस्तान की कोशिशों को झटका देता दिख रहा है।
एक्सपर्ट्स और यूजर्स की प्रतिक्रिया:
- मेजर गौरव आर्या (रिटायर्ड): “मैप के लिए फुल मार्क्स, वेल डन!”
- कई यूजर्स ने इसे “पाकिस्तान को बड़ा झटका” बताया, “असीम मुनीर की वाशिंगटन यात्राओं का प्रचार बेकार”।
यह मैप जानबूझकर है या गलती से, यह स्पष्ट नहीं, लेकिन भारत को अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता पर मजबूत समर्थन मिला है। MEA ने पहले भी गलत मैप्स पर आपत्ति जताई थी—अब अमेरिका ने भारत की चिंता को ध्यान में रखा लगता है।
ट्रेड डील के तहत भारत को निर्यातकों को राहत मिली है—स्टील, एल्युमिनियम, फार्मा, कार पार्ट्स पर छूट। भारत ने कृषि और डेयरी पर अपनी लाइनें बरकरार रखीं।


