
लखनऊ हाईकोर्ट ने मकान निर्माण के गलत नक्शे को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी ने गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज देकर नक्शा पास कराया है, तो ऐसी स्वीकृति रद्द की जा सकती है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य होगी।
न्यायमूर्ति सुभाष की पीठ ने प्रतापगढ़ की वंदना सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अहम टिप्पणी की। याचिका में सबीरा खातून पर गलत जानकारी देकर नक्शा पास कराने का आरोप लगाया गया था। जांच में नक्शे में दिखाए गए रास्ते और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया, जिससे मानकों का उल्लंघन सामने आया।
कोर्ट ने प्राधिकरण को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए और गलत नक्शे को तुरंत निरस्त किया जाए।
यह फैसला उन लोगों के लिए चेतावनी है जो निर्माण नक्शा पास कराने के लिए गलत तरीके अपनाते हैं।



