
वैश्विक स्तर पर मिडिल ईस्ट तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में बाधाओं के कारण भारत में एलपीजी (LPG) की आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। इस संकट को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार तेजी से काम कर रही है।
केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि एलपीजी संकट को काबू में करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि भारत के लिए अतिरिक्त गैस आपूर्ति के नए रास्ते खुल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कई देशों से बातचीत की है, जिससे वैकल्पिक स्रोतों से सप्लाई बढ़ाई जा रही है। गोपी ने जोर दिया कि डिप्लोमेटिक संवेदनशीलता के कारण कुछ बातें सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं, लेकिन स्थिति सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने रिफाइनरियों को अधिकतम उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि कमर्शियल यूजर्स को सीमित सप्लाई मिल रही है। होर्डिंग रोकने के लिए सिलेंडर बुकिंग की न्यूनतम अवधि 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। देश में क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम उत्पादों का कुल स्टॉक 74 दिनों का है, जो अल्पकालिक संकट से निपटने में मददगार साबित हो रहा है।
हालांकि रेस्टोरेंट्स, होटल्स और छोटे व्यवसायों पर असर दिख रहा है, लेकिन सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।




