
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और मिडिल ईस्ट में यूएस-इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मजबूत बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश खुद को दुनिया की सर्वोच्च ताकत नहीं कह सकता। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि बहुपक्षीय दुनिया में कोई एक देश सर्वोच्च नहीं हो सकता और सभी देशों को समान सम्मान और संतुलन के साथ व्यवहार करना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के अगले सुप्रीम लीडर चुनने में अपनी भूमिका की बात कही थी, जिस पर ईरान ने तीखा जवाब दिया। जयशंकर ने अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे दावों पर चिंता जताई और कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए कोई भी देश खुद को सर्वशक्तिमान नहीं ठहरा सकता।
विदेश मंत्री ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर जोर देते हुए कहा कि भारत किसी भी दबाव में नहीं आएगा और अपनी राष्ट्रीय हितों के अनुसार फैसले लेगा। उन्होंने बहुपक्षीयता, संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की वकालत की।
यह बयान भारत की ‘स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी’ और वैश्विक मामलों में संतुलित रुख को दर्शाता है, खासकर जब मिडिल ईस्ट संकट से तेल कीमतें, व्यापार और सुरक्षा प्रभावित हो रही हैं।



