
इस्लामाबाद में 21 घंटे चली अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पूरी तरह फेल हो गई।
ईरान ने साफ कहा कि अमेरिका ने युद्ध में जो हासिल नहीं कर पाया, वही सब इस्लामाबाद में मांगा। ईरान ने इन मांगों को ‘BIG NO’ कह दिया।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने कहा कि बातचीत mistrust (अविश्वास) के माहौल में हुई। एक ही दौर में कोई बड़ा ब्रेकथ्रू संभव नहीं था। दोनों पक्ष कई मुद्दों पर सहमत हुए, लेकिन हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु अधिकारों पर गहरे मतभेद बने रहे।
ईरानी दूतावास (घाना) ने एक्स पर पोस्ट कर कहा,
“अमेरिका अपना उपराष्ट्रपति आधा दुनिया पार कर इस्लामाबाद लाया। 21 घंटे की बातचीत। जो युद्ध में नहीं पाया, वही मांगा। ईरान ने साफ ‘नहीं’ कह दिया। बातचीत खत्म। हॉर्मुज अभी भी बंद है और जेडी वेंस खाली हाथ वापस लौट रहे हैं।”
ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका “उचित समझौता” नहीं करता, हॉर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खुलेगा। ईरान ने कहा कि वह नई बातचीत के लिए भी “जल्दबाजी” में नहीं है।



