
7 फरवरी 2026 को एक रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी के बाद लैंडिंग के दौरान तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) में संदिग्ध ब्रेक फेलियर के कारण रनवे ओवरशूट हो गया। विमान के एयरफ्रेम को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिससे इसे स्क्रैप किया जा सकता है। पायलट ने सुरक्षित ईजेक्शन किया और उन्हें गंभीर चोट नहीं आई।
इस हादसे के बाद भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपने सभी लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस जेट्स को ग्राउंड कर दिया है। पूरी फ्लीट पर गहन तकनीकी जांच चल रही है।
यह तेजस का तीसरा हादसा है। पहला मार्च 2024 में जैसलमेर के पास हुआ था, जहां पायलट सुरक्षित बचे। दूसरा नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान हुआ, जिसमें पायलट की मौत हो गई।
यह घटना तेजस Mk1A प्रोग्राम में देरी के बीच हुई है, जहां HAL की डिलीवरी शेड्यूल से दो साल पीछे चल रही है। IAF ने 180 Mk1A फाइटर्स के लिए ऑर्डर दिया है।
IAF की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।



