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शाहपुर कांडी बैराज पूरा होने पर भारत रावी नदी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान को रोकेगा: गर्मियों से पहले पाकिस्तान को बड़ा झटका

पाकिस्तान की पानी की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। गर्मियों से ठीक पहले भारत रावी नदी से पाकिस्तान जाने वाला अतिरिक्त पानी रोकने की तैयारी कर रहा है। शाहपुर कांडी बैराज 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा, जिसके बाद अप्रैल से यह पानी भारत के सूखाग्रस्त इलाकों में डायवर्ट किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर के जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने सोमवार को घोषणा की कि “पाकिस्तान को जाने वाला अतिरिक्त पानी रोका जाएगा। इसे रोकना जरूरी है।” उन्होंने कहा, यह कदम कठुआ और सांबा जिलों में सिंचाई के लिए है। पाकिस्तान पर असर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की चिंता क्यों? वे खुद की समस्याओं में झूलें।”

शाहपुर कांडी बैराज क्या है और देरी क्यों हुई?
यह प्रोजेक्ट 1979 में शुरू हुआ। इंदिरा गांधी ने 1982 में नींव रखी। पंजाब-जम्मू-कश्मीर विवाद से काम दशकों तक रुका रहा। 2008 में राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित, 2013 में निर्माण शुरू, लेकिन फिर अटका। 2018 में मोदी सरकार ने हस्तक्षेप कर 485 करोड़ दिए। अब 3,394 करोड़ की लागत से 31 मार्च तक पूरा होगा।

यह बैराज रावी पर 55.5 मीटर ऊंचा है, 7.7 किमी हाइडेल चैनल के साथ। इससे जम्मू-कश्मीर में 32,000+ हेक्टेयर और पंजाब में 5,000+ हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी।

पाकिस्तान पर असर
1960 इंडस वाटर्स ट्रीटी के तहत भारत को रावी, ब्यास, सतलुज (पूर्वी नदियां) पर पूर्ण अधिकार हैं। लेकिन स्टोरेज कम होने से अतिरिक्त पानी पाकिस्तान चला जाता था।

पिछले साल (2025) पहलगाम आतंकी हमले में 26 पर्यटक मारे गए, जिसके बाद भारत ने ट्रीटी सस्पेंड कर दी। अब यह बैराज तेजी से पूरा हुआ। पाकिस्तान की 80% कृषि इंडस सिस्टम पर निर्भर है, जो जीडीपी का 25% योगदान देती है। पानी कम होने से फसलें, खाद्य सुरक्षा और लाहौर-मुल्तान जैसे शहर प्रभावित होंगे।

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