
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) में बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया, जिससे भारत को चीन (33%), वियतनाम-बांग्लादेश (20%), इंडोनेशिया-पाकिस्तान (19%) पर मजबूत बढ़त मिली।
भारत क्या आयात करेगा?
अगले 5 वर्षों में भारत अमेरिका से $500 बिलियन (लगभग 45 लाख करोड़ रुपये) मूल्य के सामान खरीदने का इरादा जताया है। मुख्य उत्पाद:
- ऊर्जा उत्पाद (तेल, गैस आदि)
- विमान और विमान पार्ट्स
- कीमती धातुएं
- टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स (AI GPUs, डेटा सेंटर उपकरण)
- कोकिंग कोल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे “ऐतिहासिक” और “संतुलित” बताया। ये आयात पहले से हो रहे हैं (सालाना $300 बिलियन), लेकिन समझौते से मांग बढ़ेगी। संवेदनशील कृषि-डेयरी उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
भारत को फायदे
- टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, जेम्स-डायमंड, जेनेरिक दवाएं, विमान पार्ट्स पर शून्य या कम टैरिफ।
- MSMEs, किसान, युवा, महिलाओं और कुशल श्रमिकों के लिए नए अवसर और नौकरियां।
- अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
मिशन 500
यह समझौता मिशन 500 का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार $500 बिलियन तक पहुंचाना है। दोनों देशों ने हितों की रक्षा के लिए सेफगार्ड भी रखा है।


