
भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर मुहर लगा दी। इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा जा रहा है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा: “हमने कर दिखाया! हमने मदर ऑफ ऑल डील डिलीवर कर दी।” उन्होंने X पर पोस्ट किया कि यूरोप और भारत आज इतिहास रच रहे हैं। यह समझौता 2 अरब लोगों का फ्री ट्रेड जोन बनाएगा, जिसमें दोनों पक्षों को फायदा होगा।
PM मोदी ने इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा FTA बताया। उन्होंने कहा: “यह समझौता वैश्विक GDP का 25% और वैश्विक व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा दर्शाता है। यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी का बेहतरीन उदाहरण है, जो निवेश, नवाचार और सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।”
यह डील लगभग 20 साल की बातचीत के बाद पूरी हुई। इससे भारतीय निर्यात (टेक्सटाइल, जेम्स, फुटवियर आदि) को टैरिफ राहत मिलेगी, जबकि EU को बाजार पहुंच बढ़ेगी। साथ ही डिफेंस और मोबिलिटी पार्टनरशिप भी फाइनल हुई।
यह समझौता वैश्विक व्यापार में अमेरिकी टैरिफ के बीच भारत-EU के लिए रणनीतिक कदम माना जा रहा है।



