
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खमेनेई की नियुक्ति पर गहरी चिंता जताई है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि ईरान का नया नेतृत्व “शांति से जीने” में सफल होगा। वजह यह है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने बताया कि हाल के अमेरिकी हमलों का मकसद ईरान के संभावित हमलों को रोकना था। इन हमलों में ईरान की मिसाइल क्षमता के करीब 50 प्रतिशत हिस्से को नष्ट कर दिया गया।
ट्रंप ने आगे कहा, “हमने पहले हमला किया और उनके 50 प्रतिशत मिसाइलों को खत्म कर दिया। अगर हम ऐसा न करते तो लड़ाई और मुश्किल होती। कोई दूसरा राष्ट्रपति इतना साहस नहीं दिखा सकता। मैं नहीं चाहता कि 5 या 10 साल बाद कोई राष्ट्रपति ऐसा करने से डरे।” उन्होंने जोड़ा कि अगर हमला न किया जाता तो ईरान तीन दिनों में हमला कर सकता था। इससे परमाणु हथियारों का खतरा बढ़ जाता।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान से बातचीत हो सकती है, लेकिन शर्तें उनकी होंगी। यह सब 28 फरवरी को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खमेनेई की अमेरिकी-इजराइली हमलों में मौत के बाद हुआ। इसके जवाब में ईरान ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों पर हमले किए। फिर ईरान की विशेषज्ञों की सभा ने मोजतबा खमेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना। ट्रंप ने मोजतबा को “लाइटवेट” और “अस्वीकार्य” बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नियुक्ति उनकी मंजूरी के बिना हुई तो नया लीडर ज्यादा दिन नहीं टिकेगा।




