
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग बहाल करने के लिए ईरान के साथ सीधी बातचीत को सबसे कारगर तरीका बताया है। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में जयशंकर ने कहा कि तेहरान के साथ उनकी चल रही बातचीत से पहले ही कुछ नतीजे मिल चुके हैं।
उन्होंने कहा, “मैं फिलहाल उनसे बात कर रहा हूं और मेरी बातचीत से कुछ परिणाम मिले हैं। अगर यह संवाद फायदेमंद रहता है तो इसे जारी रखा जाएगा।” जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से होर्मुज बंद होने के बाद अब तक चार बार फोन पर बात की है।
ईरान ने युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया था, जिससे कई देशों को तेल और ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई। भारत के लिए यह रास्ता ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। जयशंकर की कूटनीति से शिपिंग में सुधार की उम्मीद बढ़ रही है।



