
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु (घाघरा पुल) को मरम्मत के लिए बंद करने से पहले पांटून पुल (पीपे का पुल) बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
गोंडा के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पुल बंद होने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की थी। इस पर योगी ने जनता की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश दिए, जिसके बाद एनएचएआई के परियोजना निदेशक को निर्देश जारी हो गए।
यह पुल बाराबंकी-बहराइच सीमा पर है और लखनऊ को बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर तथा नेपाल से जोड़ता है। पुल जर्जर होने के कारण एनएचएआई ने इसे 2 महीने (10 फरवरी से 9 अप्रैल तक) बंद करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन अब पांटून पुल तैयार होने (मार्च तक संभावित) के बाद ही स्थायी बंदी होगी। इससे लाखों यात्रियों, व्यापारियों और छात्रों को 50-100 किमी अतिरिक्त सफर से बचाव होगा।



