मनोरंजनलखनऊ

लखनऊ में ‘घूसखोर पंडत’ पर FIR: जातिगत अपमान का आरोप, CM योगी के निर्देश पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नेटफ्लिक्स की आगामी फिल्म/वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ (Ghooskhor Pandat) पर विवाद बढ़ गया है। हजरतगंज थाने में निर्देशक नीरज पांडे और उनकी टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि फिल्म का टाइटल और कंटेंट ब्राह्मण समाज की भावनाओं को आहत करता है और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करता है।

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म पर ट्रेलर/प्रमोशनल सामग्री को लेकर कई शिकायतें आईं। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने प्राथमिक जांच के बाद FIR दर्ज की। जांच में पाया गया कि ‘पंडत’ शब्द को रिश्वतखोरी से जोड़कर ब्राह्मण समुदाय को निशाना बनाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह सख्त कार्रवाई हुई है। पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कहा कि किसी समुदाय की भावनाएं आहत करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

ब्राह्मण समाज और विभिन्न संगठनों में भारी नाराजगी है, कुछ ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। दिल्ली हाईकोर्ट में भी फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

नीरज पांडे ने बयान जारी कर सफाई दी कि फिल्म पूरी तरह काल्पनिक पुलिस ड्रामा है, ‘पंडत’ सिर्फ एक किरदार का नाम है और किसी जाति से इसका संबंध नहीं। विवाद के बाद नेटफ्लिक्स ने टीजर और प्रमोशनल सामग्री हटा दी है। फिल्म में मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं, जो एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी का किरदार निभा रहे हैं।

यह मामला 3 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स के 2026 स्लेट अनाउंसमेंट के बाद शुरू हुआ, जब टाइटल को जातिवादी बताकर सोशल मीडिया पर बहिष्कार की मांग उठी।

Related Articles

Back to top button