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संसद शीतकालीन सत्र: विपक्ष को ‘ड्रामा’ न करने की चेतावनी, बोले पीएम मोदी- ‘मैं टिप्स देने को तैयार’, बिहार हार से उबरें और राष्ट्र निर्माण पर फोकस करें

नई दिल्ली में सोमवार (1 दिसंबर 2025) से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष को नकारात्मकता और नाटकीयता छोड़ने की सलाह दी, साथ ही व्यंग्य भरे लहजे में कहा कि वे विपक्ष को अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियां निभाने के टिप्स देने को तैयार हैं।

मोदी ने बिहार विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की करारी हार का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी हार की निराशा को संसद का हथियार न बनाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद ड्रामा या नारे लगाने की जगह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सकारात्मक बहस का मंच है। यह बयान सर्वदलीय बैठक के एक दिन बाद आया, जहां विपक्ष ने SIR, दिल्ली विस्फोट और BLO सुसाइड जैसे मुद्दों पर बहस की मांग की थी।

प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले 10 सालों से विपक्ष जो खेल खेल रहा है, वह अब जनता को स्वीकार्य नहीं। वे अपनी रणनीति बदलें, मैं उन्हें कुछ टिप्स देने को तैयार हूं।” उन्होंने पहली बार चुने गए सांसदों का जिक्र करते हुए कहा कि सभी दलों के नए सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए, लेकिन विपक्ष उन्हें बोलने नहीं दे रहा। “नए सांसद निराश हो रहे हैं। ड्रामा और नारे लगाने के लिए कई जगहें हैं, लेकिन संसद वह जगह नहीं।” मोदी ने अपील की कि विपक्ष बिहार हार से उबरकर वास्तविक मुद्दों पर बहस करे। “नकारात्मकता राजनीति में कभी-कभी काम आती है, लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि विपक्ष राष्ट्र निर्माण पर ध्यान दे। जहां हार मिली, वहां नारे लगाए, जहां हार आने वाली है, वहां भी लगाएंगे, लेकिन संसद में संतुलन रखें। यह हार की निराशा या जीत का अहंकार दिखाने का मैदान नहीं।”

विपक्ष का पलटवार: लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश

सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “सरकार, भाजपा और प्रधानमंत्री लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को खत्म करने पर तुले हैं। यह सबसे छोटा शीतकालीन सत्र है, जो दर्शाता है कि सरकार संसद को पटरी से उतारना चाहती है।” कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, लोकतंत्र की रक्षा और मतदाता सूची की सुरक्षा पर बहस की मांग की। माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने दिल्ली के लाल किले विस्फोट का हवाला देते हुए कहा, “इसने सरकार की पोल खोल दी। सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। अगर संसद ठप्प हुई तो जिम्मेदारी सरकार की होगी।”

सत्र का एजेंडा: 14 विधेयक और 15 बैठकें

शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 15 बैठकें होंगी। सरकार 14 विधेयकों पर फोकस करेगी, जिनमें असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने वाला Atomic Energy Bill, 2025; Jan Vishwas (Amendment) Bill, 2025; Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Bill, 2025; National Highways (Amendment) Bill, 2025; Corporate Laws (Amendment) Bill, 2025; Securities Markets Code Bill, 2025; Insurance Laws (Amendment) Bill, 2025; Arbitration and Conciliation (Amendment) Bill, 2025; Higher Education Commission of India Bill, 2025 शामिल हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस बिल पेश करेंगी। विपक्ष SIR, BLO सुसाइड, दिल्ली आतंकी हमला और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर बहस चाहता है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “किसी ने संसद न चलने की बात नहीं कही। हम विपक्ष की बात सुनेंगे। संसद में नियम और परंपराएं हैं, शांत बहस से सत्र चलेगा।” सत्र की शुरुआत ही हंगामे से हुई, जब लोकसभा को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

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