
ईस्ट तुर्किस्तान की देश निकाला सरकार के विदेश और सुरक्षा मंत्री सालेह हुदयार ने चीन और तालिबान के बढ़ते सहयोग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
हुदयार ने तालिबान के रक्षा मंत्री और चीन के राजदूत के बीच हालिया बैठक को “पाखंड” करार देते हुए कहा कि यह ईस्ट तुर्किस्तान के स्वतंत्रता आंदोलन को कमजोर करने की सोची-समझी चाल है।
X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा
“तालिबान के रक्षा मंत्री की चीन के राजदूत के साथ मीटिंग तालिबान के पाखंड और चीन के लंबे खेल को उजागर करती है। हम इस सहयोग की सबसे कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।”
हुदयार ने आरोप लगाया कि चीन 1990 के दशक से ईस्ट तुर्किस्तान के स्वतंत्रता आंदोलन को वैश्विक आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि बीजिंग उइगर और दूसरे तुर्किक मुसलमानों के खिलाफ “नरसंहार” को सही ठहराने के लिए ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट जैसे लेबल का इस्तेमाल कर रहा है।
उन्होंने तालिबान पर तंज कसते हुए कहा
“तालिबान ने इस्लाम के बजाय चीन को चुना है और इतिहास के सामने उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा।”



