
गुरुवार को नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में 4 तीव्रता का भूकंप आया, हालांकि, इससे किसी प्रकार के नुकसान की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, भूकंप सुबह 8.32 बजे दार्चुला जिले के मुराई क्षेत्र के आसपास आया। इसका असर पड़ोसी जिलों बैताडी और बाझंग में भी महसूस किया गया।
नेपाल, जहां साल में कई बार भूकंप आते हैं, सबसे सक्रिय विवर्तनिक क्षेत्रों (भूकंपीय क्षेत्र IV और V) में स्थित है, जिससे यह भूकंप के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। हिमालयी देश दुनिया के सबसे भूकंप-प्रवण देशों में 11वें स्थान पर है। गौरतलब है कि एक दशक पहले नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप में लगभग 9,000 लोग मारे गए थे और लाखों लोग बेघर हो गए थे।
25 अप्रैल, 2015 को 7.8 तीव्रता का भूकंप हिमालयी देश में आया था, जिसका केंद्र काठमांडू से लगभग एक घंटे की दूरी पर स्थित गोरखा जिले में था। मृतकों की संख्या के साथ-साथ, भूकंप ने 22,000 से अधिक लोगों को घायल कर दिया और 28 लाख लोगों को विस्थापित कर दिया, जिससे घर, स्कूल, सड़कें और सदियों पुराने विरासत स्थल मलबे में तब्दील हो गए थे।



