
लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने गुरुवार को एडजर्नमेंट मोशन पेश कर केंद्र सरकार से अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील और एनर्जी अंडरस्टैंडिंग पर तत्काल विस्तृत चर्चा की मांग की। उन्होंने इसे “बेहद अहम सार्वजनिक महत्व” का मुद्दा बताया और सरकार से पारदर्शिता के साथ सदन में बयान देने की अपील की।
तिवारी ने अपनी नोटिस में कहा कि डील के तहत भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 18% तक घटाने की बात है, जबकि अमेरिका का दावा है कि इससे उसके कृषि उत्पादों का भारत में निर्यात बढ़ेगा। उन्होंने ट्रंप के कथित बयान का जिक्र किया, जिसमें कहा गया कि पीएम मोदी ने रूस से तेल खरीद बंद कर अमेरिका और वेनेजुएला से आयात बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही भारतीय टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को शून्य करने और 500 अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी सामान खरीदने की बात भी उठाई।
कांग्रेस सांसद ने चेतावनी दी कि ऐसे वादे से:
- भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्वतंत्र विदेश नीति खतरे में पड़ सकती है।
- रूसी कच्चे तेल की सस्ती खरीद से नियंत्रित ईंधन कीमतें बढ़ सकती हैं, जो आम नागरिक और उद्योग पर बोझ बनेगी।
- बड़े पैमाने पर ट्रेड रियायतें घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, किसानों और MSME को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
उन्होंने सरकार से तुरंत बयान और पूरी चर्चा की मांग की ताकि देश को ट्रेड, ऊर्जा और विदेश नीति के फैसलों की सच्चाई पता चले।
बजट सत्र अपडेट:
- बुधवार को पीएम मोदी का जवाब विपक्ष के हंगामे से स्थगित हो गया। अब राज्यसभा में आज जवाब की उम्मीद।
- सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकों के साथ 2 अप्रैल को समाप्त होगा। 13 फरवरी से 9 मार्च तक अवकाश, ताकि संसदीय समितियां अनुदान मांगों की जांच कर सकें।



