
लोकसभा में बुधवार को भारी हंगामा हुआ जब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कई प्रकाशित किताबें दिखाकर नेहरू-गांधी परिवार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने स्पीकर से मांग की कि उन किताबों पर संसद में चर्चा हो, जो प्रकाशित हो चुकी हैं लेकिन भारत में प्रतिबंधित हैं।
दुबे ने कहा, “संसद की कार्यवाही एक अप्रकाशित किताब के कारण रुकी है। मैं आग्रह करता हूं कि प्रकाशित किताबों पर चर्चा हो, ताकि जनता को 2014 से पहले की कहानी पता चले। इन किताबों से गांधी-नेहरू परिवार का सच सामने आएगा।”
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘Four Stars of Destiny’ का जिक्र किया, जिसमें 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव पर दावा किया गया है कि सरकार ने स्पष्ट निर्देश नहीं दिए। राहुल ने आरोप लगाया कि किताब विदेश में उपलब्ध है, लेकिन भारत में प्रकाशन की अनुमति नहीं दी जा रही।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को एक प्रकाशित किताब का हवाला देने नहीं दिया जाता, लेकिन निशिकांत दुबे छह किताबें लाकर उद्धरण पढ़ते हैं। यह सरकार सदन में अराजकता फैलाना चाहती है और स्पीकर का अपमान है।”
हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई। विपक्ष ने निशिकांत दुबे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि बीजेपी ने कांग्रेस पर संसद बाधित करने का आरोप लगाया।


