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दिल्ली शराब नीति केस में केजरीवाल और सिसोदिया बरी, कोर्ट ने CBI की जांच पर साधा निशाना

दिल्ली की विशेष अदालत ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। विशेष जज जितेंद्र सिंह ने फैसला सुनाते हुए कहा कि CBI ने आरोप साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं पेश किए। कोर्ट ने जांच में खामियों पर तीखी टिप्पणी की, जैसे सबूतों की कमी, अस्पष्ट ‘साउथ ग्रुप’ का जिक्र और कुछ महत्वपूर्ण बयानों को नजरअंदाज करना।

अदालत ने कहा कि नीति में प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाना और दस्तावेज संस्थागत प्रक्रिया के तहत हुए फैसले लगते हैं, न कि कोई षड्यंत्र या अपराध। केजरीवाल के खिलाफ बड़े षड्यंत्र की कोई सामग्री नहीं मिली।

फैसले के बाद केजरीवाल भावुक हो गए और आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा, “सत्य की जीत हुई। यह स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश थी। AAP को खत्म करने की कोशिश की गई। मैं 6 महीने और सिसोदिया जी करीब 2 साल जेल में रहे, लेकिन पूरा केस फर्जी था।”

केस का बैकग्राउंड संक्षेप में
2021-22 की शराब नीति में निजी कंपनियों को फायदा और AAP को 100 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत का आरोप था। CBI और ED ने जांच की, लेकिन कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी आरोप खारिज कर दिए।

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