
असम कैबिनेट ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर लगे पाकिस्तान से कथित संबंधों के आरोपों को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को सौंपने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को कैबिनेट बैठक के बाद यह घोषणा की।
सरमा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित SIT ने जांच रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी साजिश” बताया गया है। मामले में तीन मुख्य व्यक्ति शामिल हैं—एक सांसद (गौरव गोगोई), उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख। SIT ने पाया कि गोगोई की पत्नी ने 2011-12 में पाकिस्तान में काम किया और शेख के साथ प्रोफेशनल संपर्क थे। गोगोई ने पाकिस्तान यात्रा की थी, पाक हाई कमीशन में मुलाकात की और सोशल मीडिया पर उस दौरान “ब्लैकआउट” किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर असम का सांसद पाकिस्तान से जुड़ा है तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने गौरव गोगोई से पूछताछ नहीं की, उनकी स्थिति का सम्मान किया। गिरफ्तारी जैसे कदम उठाए तो चुनाव से पहले राजनीति का आरोप लगेगा।” उन्होंने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ गैर-गोपनीय जानकारी सार्वजनिक करने की बात कही।
गौरव गोगोई ने आरोपों को “बकवास, निराधार और पागलपन” बताया और सरमा पर “IT सेल ट्रोल” जैसा व्यवहार करने का इल्जाम लगाया।


