
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को कड़ी धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि खामेनेई का 37 साल पुराना शासन अब खत्म होने की कगार पर है और ईरान में नए नेतृत्व का समय आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खामेनेई ने ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया है, जिससे देश नरक बन चुका है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं और मौतों का आंकड़ा 5000 पार कर चुका है।
ईरान में हिंसा और मौतों का कहर
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में अब तक 5000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर प्रदर्शनकारी शामिल हैं। तेहरान में मुर्दाघरों के बाहर लाशों के ढेर लगने की खबरें सामने आ रही हैं। देश के अधिकांश राज्यों में आगजनी, हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही हैं। ट्रंप ने इस हिंसा को खामेनेई के नेतृत्व का नतीजा बताया और कहा कि उनका शासन डर, मौत और दमन पर टिका है। उन्होंने यह भी कहा कि खामेनेई का सबसे अच्छा फैसला 800 से ज्यादा लोगों को फांसी न देना था, लेकिन अब उनका अंत निकट है।
इसके अलावा, प्रदर्शनों में 200 से अधिक सुरक्षाकर्मी और सरकारी कर्मचारी भी मारे गए हैं। 10,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है, हालांकि असल संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। यह मौतों का आंकड़ा 1979 की इस्लामिक क्रांति से भी ज्यादा बताया जा रहा है, जो ईरान के इतिहास में अभूतपूर्व है।
ट्रंप का खामेनेई पर तीखा हमला
ट्रंप ने अपने शनिवार के बयान में कहा, “खामेनेई ने ईरान को अपनी गिरफ्त में रखा है, लेकिन यह सम्मान से नहीं, बल्कि डर और मौत से चल रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा नेतृत्व किसी देश के लिए सही नहीं है और ईरान के लोगों को नए领导 की जरूरत है। ट्रंप का यह बयान ईरान-अमेरिका संबंधों में नई तनाव की वजह बन सकता है।
खामेनेई का ट्रंप पर पलटवार
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने ट्रंप के बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने ट्रंप को अपराधी करार देते हुए ईरान में हो रही मौतों और विरोध प्रदर्शनों के लिए जिम्मेदार ठहराया। खामेनेई ने कहा कि ट्रंप की साजिशों को ईरान में पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है और अमेरिका की दखलंदाजी देश की अस्थिरता का कारण है। यह जवाब ईरान के आंतरिक मामलों में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव को दर्शाता है।
यह घटनाक्रम ईरान की राजनीतिक अस्थिरता को उजागर कर रहा है, जहां प्रदर्शनकारी बदलाव की मांग कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब ट्रंप और खामेनेई के बीच इस जुबानी जंग पर टिकी हैं।



