
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा फर्जी प्रिंटेड फॉर्म-7 भरकर, जाली हस्ताक्षर कर और पेन ड्राइव/एक्सेल शीट के जरिए विधानसभा-वार टारगेटेड सूची भेज रही है। उनका अनुमान है कि राज्य में 1 करोड़ से ज्यादा (करीब 1.99 करोड़) वोट कटवाने की साजिश है, खासकर मुस्लिम और PDA समुदाय के। जहां भाजपा हारी है, वहां यह ज्यादा हो रहा है।
उन्होंने दस्तावेज पेश कर सबूत दिए और चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच, फॉर्म सत्यापन (सीसीटीवी, AI, स्टैंडर्ड फॉर्म) की मांग की। कहा कि अगर ऐसा जारी रहा तो लोकतंत्र पर हमला है और चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे। आयोग को ‘भाजपा का झंडा’ अपनी बिल्डिंग पर लगा लेना चाहिए।
अखिलेश ने चेतावनी दी कि यदि साजिश नहीं रोकी गई तो सख्त कार्रवाई और आंदोलन होगा। भाजपा ने इन आरोपों का खंडन किया है।



