
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म 7 के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के वोटरों के नाम बड़े पैमाने पर काटे जा रहे हैं। यह PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय को टारगेट करने की साजिश है।
अखिलेश ने कहा कि SP ने चुनाव आयोग से समय मांगा है। जल्द ही प्रतिनिधिमंडल EC से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने मांग की कि नाम कटौती की प्रक्रिया सिर्फ बूथ लेवल ऑफिसर ही करें और फॉर्म 7 सबमिट करने वालों की डिटेल्स पब्लिक की जाएं। UP में SIR में 2.89 करोड़ नाम डिलीट हो चुके हैं, जो SP के मजबूत इलाकों में ज्यादा हैं।
उन्होंने EC से अपील की कि इस पर तुरंत ध्यान दें, वरना लोकतंत्र को नुकसान होगा। अखिलेश ने BJP पर भी निशाना साधा कि यह चुनाव जीतने की चाल है। SP कार्यकर्ताओं से अपील की कि वोटर लिस्ट चेक करें और नाम जुड़वाएं।
यह मुद्दा UP विधानसभा चुनाव 2027 से पहले गर्माया है। अखिलेश बोले, “पढ़े-लिखे न होने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है।”



