
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले AIMIM ने एक बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी से अपना गठबंधन तत्काल प्रभाव से तोड़ लिया है।
AIMIM ने कहा कि हुमायूं कबीर के हालिया बयानों और खुलासों से मुसलमानों की एकता और अखंडता पर सवाल उठ रहे हैं, इसलिए यह गठबंधन अब जारी नहीं रखा जा सकता। पार्टी ने साफ कहा कि मुसलमानों के बीच एकता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे बयान उसके सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
गठबंधन टूटने के बाद AIMIM ने घोषणा की है कि वह पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने मुसलमानों की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि TMC समेत अन्य दलों के शासन में भी मुसलमान राज्य के सबसे गरीब और उपेक्षित समुदायों में से एक बने हुए हैं।
इस बीच TMC ने भी हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। TMC नेताओं ने एक पुराना वीडियो जारी कर दावा किया कि कबीर भाजपा के साथ गुप्त समझौता कर ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने की साजिश में शामिल हैं।



