
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। डुमरियागंज तहसील के भरवाठिया मुस्तकहम गांव निवासी प्राइवेट टीचर ओम प्रकाश वर्मा को जीएसटी विभाग से लगभग दो करोड़ रुपये का टैक्स जमा करने का नोटिस मिला। यह नोटिस 10 फरवरी को उनके घर पहुंचा, जिसे पढ़कर वे हैरान रह गए।
ओम प्रकाश वर्मा महीने में सिर्फ छह-सात हजार रुपये कमाते हैं। वे बताते हैं, “मैं एक गरीब आदमी हूं। मुझे बेवजह फंसाया जा रहा है।” जांच में पता चला कि उनके पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी फर्में बनाई गईं। नई दिल्ली में ‘ओम ट्रेडर्स’ और फर्रुखाबाद में ‘वर्मा इंटरप्राइजेज’ नाम से रजिस्टर्ड इन फर्मों से पिछले साल करोड़ों का लेन-देन दिखाया गया, जिसका टैक्स 1.99 करोड़ रुपये आया।
पीड़ित ने डुमरियागंज थाने में आवेदन दिया है और विभागों में जांच करवा रहे हैं। यह मामला पैन कार्ड के दुरुपयोग और जीएसटी धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर करता है, जहां निर्दोष लोग फंस रहे हैं।



