
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव में शादी के दौरान सनसनीखेज मामला सामने आया। रामसनेहीघाट क्षेत्र से आई बारात ने शुक्रवार रात धूमधाम से सभी रस्में पूरी कीं—जयमाला, सात फेरे, सिंदूर दान तक। लेकिन विदाई से ठीक पहले शनिवार सुबह नेग मांगने पहुंची किन्नरों की टोली ने दूल्हे को पहचान लिया।
किन्नरों ने दूल्हे (रिशु, 22 वर्ष, पूरे गनई गांव निवासी) को अपनी बिरादरी का बताया। शक गहराया जब दूल्हा पक्ष ने सामान्य नेग (1100-2100 रुपये) की बजाय चुपचाप 23,000 रुपये थमा दिए। दुल्हन पक्ष ने पूछताछ की तो दूल्हे ने अपनी असलियत स्वीकार कर ली।
इसके बाद हंगामा मचा—बाराती विदाई छोड़कर भागने लगे। दुल्हन पक्ष ने शांति बनाए रखी, कोई बड़ा विवाद नहीं किया। उन्होंने शादी में हुए खर्च की राशि वापस ली और पुलिस की मौजूदगी में समझौता कर बारात को बिना दुल्हन के लौटा दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला निपटा दिया, कोई तहरीर नहीं हुई।
दूल्हा पहले किन्नर समुदाय से जुड़ा था, जिसके चलते यह धोखा हुआ। घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।



