
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष और संभावित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने भारत-बांग्लादेश संबंधों पर कड़ी टिप्पणी की है। द वायर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि शेख हसीना के शासन के दौरान भारत का रिश्ता सिर्फ हसीना से था, बांग्लादेश की जनता से नहीं। इस वजह से भारत के प्रति बांग्लादेश में गहरी नफरत और आक्रोश पैदा हुआ है, खासकर युवाओं में।
कबीर ने भारत की खुफिया एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विदेश नीति के फैसले निर्वाचित नेताओं को छोड़ने चाहिए, एजेंसियों को नहीं। उन्होंने शेख हसीना को “आतंकवादी” करार दिया और आरोप लगाया कि उनके शासन में हजारों लोगों की हत्या हुई। कबीर का दावा है कि हसीना और अवामी लीग अब बांग्लादेश को अस्थिर करने की कोशिश कर सकती है, इसलिए उनकी कड़ी निगरानी जरूरी है।
उन्होंने माना कि दोनों देशों के संबंधों में भारी गिरावट आई है। भारत को पहल करनी होगी और नए सिरे से रिश्ते बनाने की कोशिश करनी होगी। कबीर ने कहा, “अगर दोनों पक्ष सकारात्मक मानसिकता से काम करें, तो सहयोग संभव है।”



