
प्रसिद्ध शेफ संजीव कपूर ने भारतीय खान-पान की आदतों पर खुलकर बात की और बताया कि भारतीय भोजन अस्वास्थ्यकर नहीं है, बल्कि हमारी कुकिंग आदतें उसे अस्वास्थ्यकर बना देती हैं। उन्होंने मौसमी खाद्य पदार्थों, कम नमक और लोकल इंग्रीडिएंट्स पर जोर दिया।
मुख्य बातें:
- भारतीय भोजन घर में बनाया जाए तो बहुत अच्छा होता है। समस्या ज्यादा नमक, प्रोसेस्ड फूड और मार्केटिंग ट्रेंड्स में है। मौसमी सब्जियां-फल लें, लोकल चावल-दाल चुनें, चमकदार बासमती या पॉलिश्ड अनाज से दूर रहें।
- पारंपरिक तरीके आज भी काम करते हैं। घर का खाना फोकस करें, मॉडरेशन में खाएं।
- युवा उद्यमियों के नए ट्रेंड्स में कुछ अच्छे हैं, लेकिन कई चीजें हमारी जलवायु और जरूरतों के लिए फिट नहीं। जापानी-कोरियन रॉ फिश या ओवर-प्रोसेस्ड मिलेट स्नैक्स से सावधान रहें।
- ग्लोबल डाइट ट्रेंड्स (जैसे इंस्टाग्राम पर वायरल) को आंख मूंदकर न अपनाएं। अपनी बॉडी, जगह और जरूरत समझें। रिसर्च करें, समय दें।
- मिलेट्स अच्छे हैं, लेकिन कम प्रोसेसिंग और सच्चाई के साथ। 95% फैट-फ्री जैसी मार्केटिंग से बचें।
- युवा शेफ बनना चाहें तो: दिल की सुनें, मेहनत करें, लगातार सीखें और बेस्ट बनें।
- कम्फर्ट फूड: जो भी सामने आए, उसी में खुशी मिलती है।
- नए प्रोजेक्ट: Arth Foods के तहत इंटरनेशनल पैकेज्ड फूड लॉन्च किया, जो असली भारतीय स्वाद दे। Wonderchef कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है, जल्द पब्लिक लिस्टिंग हो सकती है।
शेफ संजीव कपूर का संदेश साफ है—खाना ईमानदार, लोकल और अपनी जरूरत के हिसाब से चुनें, न कि ट्रेंड या इंस्टाग्राम के प्रभाव में।