
रक्षा मंत्रालय की रक्षा अधिग्रयण परिषद (DAC) ने गुरुवार को एक मेगा प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल फाइटर जेट और नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त P-8I समुद्री निगरानी विमान शामिल हैं। कुल लागत लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC ने इसकी Acceptance of Necessity (AoN) दी है। यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद में से एक है।
मुख्य बातें:
- 114 राफेल जेट में से 18 फ्लाई-वे कंडीशन में मिलेंगे, बाकी भारत में बनाए जाएंगे (50-60% स्वदेशी सामग्री के साथ)।
- इससे वायुसेना की कुल राफेल संख्या बढ़कर करीब 150-176 हो जाएगी, जो हवाई श्रेष्ठता और लंबी दूरी के हमलों में मजबूती देगा।
- 6 P-8I Poseidon विमान नौसेना की समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्ध और समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेंगे।
- यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा है, क्योंकि ज्यादातर उत्पादन देश में होगा।
यह फैसला वायुसेना की स्क्वाड्रन कमी को पूरा करने और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के 17-20 फरवरी भारत दौरे पर डील फाइनल हो सकती है।



