
कानपुर के ग्वालटोली इलाके में 8 फरवरी को वीआईपी रोड पर लैंबोर्गिनी रेवेल्टो (कीमत 10 करोड़ से ज्यादा) ने तेज रफ्तार में कई वाहनों और पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी। हादसे में 6 लोग घायल हुए, जिसमें एक 18 साल का ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक भी शामिल है।
कानपुर पुलिस ने गुरुवार को तंबाकू उद्योगपति केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा (35) को गिरफ्तार कर लिया। शिवम को जांच में सहयोग न करने और पुलिस से बचने के आरोप में कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और वीडियो से साफ है कि हादसे के वक्त शिवम ही ड्राइविंग कर रहा था। हादसे के तुरंत बाद बाइस्टैंडर्स ने ड्राइवर सीट से एक व्यक्ति (शिवम) को निकाला।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा कि सारे सबूत शिवम की ओर इशारा करते हैं। कार जब्त कर फॉरेंसिक जांच में है। शुरुआत में अज्ञात चालक के खिलाफ एफआईआर हुई, बाद में शिवम का नाम जोड़ा गया।
परिवार का पक्ष: शिवम के पिता केके मिश्रा ने कहा कि शिवम को एपिलेप्सी है, दिल्ली में इलाज चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि कार में तकनीकी खराबी थी और टेस्ट ड्राइव के दौरान हादसा हुआ। परिवार ने नशे या तेज रफ्तार से इनकार किया है।
शिवम के वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता तौफीक ने समझौता कर लिया है और केस आगे नहीं बढ़ाना चाहता। पुलिस ने इस समझौते पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन एसएचओ को हटा दिया गया था।



