
क्रेमलिन ने कहा कि भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है, और कच्चे तेल के आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाने के उसके निर्णय में कुछ भी नया नहीं है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूसी तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गए हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी से टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते की घोषणा की और नई दिल्ली पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गए हैं और अब वे अमेरिका और वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेंगे।
क्रेमलिन ने कहा कि मॉस्को नई दिल्ली के लिए कच्चे तेल का एकमात्र आपूर्तिकर्ता नहीं है, और भारत द्वारा अपने कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाने का निर्णय कोई नई बात नहीं है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “हम और अन्य सभी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञ इस बात से भलीभांति अवगत हैं कि रूस भारत को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का एकमात्र आपूर्तिकर्ता नहीं है। भारत हमेशा से इन उत्पादों को अन्य देशों से खरीदता रहा है। इसलिए, हमें इसमें कुछ भी नया नहीं दिखता।



