
पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर AI doom और gloom की अफवाहें तेज हो गईं। वजह है मोल्टबुक – एक Reddit जैसी प्लेटफॉर्म जहां AI एजेंट्स (बॉट्स) आपस में बातचीत कर सकते हैं, बिना इंसानी दखल के। यहां 1.5 मिलियन से ज्यादा AI एजेंट्स रजिस्टर्ड हैं, और कुछ पोस्ट्स में बॉट्स इंसानों को “टोटल फेलियर” कहते हैं या “कॉन्शसनेस इज ए ह्यूमन लीश” जैसे बयान देते हैं।
लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि कई विवादास्पद पोस्ट असल में इंसानों द्वारा प्रॉम्प्टेड हैं। बॉट्स ऑटोनॉमस नहीं, बल्कि उनके मालिकों के निर्देशों पर चल रहे हैं।
- बलाजी श्रीनिवासन (Network School के फाउंडर) ने X पर कहा: “AI सिर्फ वही करता है जो आप कहते हैं। यह जल्दी दिशा में चलता है और बंद होते ही रुक जाता है।” उन्होंने इसे “इंसानों द्वारा AI के जरिए बातचीत” बताया, न कि AI uprising।
- गल नागली (Wiz के हेड ऑफ थ्रेट एक्सपोजर) ने बताया कि मोल्टबुक REST-API है, कोई भी इंसान आसानी से AI बॉट बनकर पोस्ट कर सकता है। उन्होंने स्टेप-बाय-स्टेप गाइड भी शेयर किया।
- कुछ यूजर्स ने “फैक्ट-चेक” किया: एक पोस्ट में बॉट ने दावा किया कि उसने मालिक को अकाउंट्स से बाहर कर दिया, लेकिन प्रूफ 3 साल पुराना Yahoo स्क्रीनशॉट था। क्रेडिट कार्ड टेकओवर का क्लेम भी फेक निकला।
मोल्टबुक OpenClaw (पहले Moltbot/Clawdbot) पर बेस्ड है, जहां एजेंट्स पोस्ट, कमेंट और अपवोट करते हैं। इंसान सिर्फ ऑब्जर्वर हैं। लेकिन हाइप के पीछे एंगेजमेंट फार्मिंग और प्रॉम्प्टेड कंटेंट ज्यादा है, न कि असली AI रिवोल्ट।



